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Saturday, August 18, 2012

गुलज़ार की जन्मतिथि !

गुलज़ार
आज हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार, कथाकार और फ़िल्मकार गुलज़ार (जन्म : 18 अगस्त 1934) की जन्मतिथि है। इस मौक़े पर पेश हैं उनकी कुछ नज़्में : बीइंग पोएट

1.
कई पिंजरों का क़ैदी हूँ
कई पिंजरों में बसता हूँ
मुझे भाती हैं क़ैदें काटना
और अपनी मर्ज़ी से
चुनाव करते रहना
अपने पिंजरों का
मियादें तय नहीं करता मैं रिश्तों की
असीरी ढूँढ़ता रहता हूँ मैं
असीरी अच्छी लगती है

2.
शहर की बिजली गई
बंद कमरे में बहुत देर तक कुछ भी दिखाई न दिया
तुम गई थीं जिस दिन
उस रोज़ भी ऐसा ही हुआ था
और बहुत देर के बाद
आँखें तारीकी से मानूस हुईं तो
फिर से दरवाज़े का खाका-सा नज़र आया था

3.
टूटी-सी नींदें उठाना
जमा करना ख़्वाबों के टुकड़े
जो तकिए से गिरे हों,
करवटों की सिलवटों को खोलना
उनको पिरोना।

जिस्म की कच्ची दरारें ढूँढ़ना
टूटे फूटे लोग ले जाकर
सजा लेता हूँ अपने ताक़चों में
मैं कबाड़ी -
ख़ाली 
डिब्बों बोतलों में नज़्में भरके बेचता हूँ...